caste system in india – जात पात का भेदभाव

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caste system in india इतिहास गवा है, सोने की चिड़िया कहे जाने वाली हमारा देश आपस में ऊँच-नीच बैर भाव की वजह से ये लुटती चली गयी। पहले मुगलो ने फिर ब्रिटिशों ने इसका फायदा उठाकर भारत के लोगों को गुलाम बना कर रखा। अपनों से लड़कर अपनों का खून बहाकर हमने अपने ही साम्राज्य का विनाश किया। फिर भी लोग इतिहास भूल जाते है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ ब्रह्मण और राजपूत ही सिर्फ जाती-पात करते हैं, संसार के बनाये गए हर जात अपने छोटे जात को भेदभाव की निति से देखते हैं। हर कोई अपने जात की बढ़ाई करता है, हर कोई अपने जात को श्रेष्ठ मानता है, अपने जात की सोशल नेटवर्किंग साइट पर गुणगान करता है।

जात पात का भेदभाव आखिर क्यों है ??

माना आजादी के पहले लोग अशिक्षित थे, उनके अंदर जाति-पात की भावना हावी थी! लोग अपने परिवार से ही ये ऊँच-नीच की गन्दी सोच सीखा करते थे! लेकिन आजादी के बाद तो एक नए संसार का जन्म हुआ !अब तो सबकी सोच बदलनी चाहिए ! ये जाती पात की भावना को जड़ से मिटा देना चाहिए! माना की आजादी के 70 साल बाद भी पुराने सोच पर चलने वाले माँ-बाप या दादा-दादी की दूसरे जात के प्रति बैर भावना की सोच को आप नहीं बदल सकते पर अपनी सोच तो बदल सकते हो ना। caste system in india

दलित समाज को आगे बढ़ने से रोकना

लेकिन अफ़सोस अब भी कई सारे राज्य ऐसे हैं, जहाँ के गाँवों में दलितों को घोड़ी चढ़ने से रोक दिया जाता है। उनको कुँए से पानी पीने से रोक दिया जाता है, उनको आगे बढ़ने नहीं दिया जाता है। उनको नीच की भावना से देखा जाता है। दलित बच्चियों के बलात्कार की खबरें आती रहती हैं, और आज के समय में ये बढ़ती ही जा रही है। कुछ गाँव के सरपंच इतने घटिया होते हैं कि बलात्कार पीड़िता के मुंह में ही कालिख पोत दिया जाता है। खास कर के यूपी में तो ये जात-पात का भेदभाव तो बढ़ चढ़ कर है, यानी कि जहाँ भगवानों का अस्तित्व माना जाता है, वहीँ शैतानों की सोच वालों की कमी नहीं है।

caste system in india- नफरत की दीवार

ना जाने ये नफरत की दीवार कब ख़त्म होगी! मुझे नहीं लगता ये जल्दी ख़त्म होगी! क्यूँकि हमारे देश के राजनेता ही ये नहीं चाहते कि हमारे देश में ऊंच नीच की जाति ख़त्म हो! ये है हमारा देश जहाँ कुछ तत्वों द्वारा सच्ची घटना पर आधारित मूवी “आर्टिकल 15” का विरोध किया गया! जिसमें एक विशेष जाति ने दलित समाज की बच्चियों का बलात्कार कर पेड़ पर लटका दिया ताकि पुरे जाति को उसकी औकात दिखाई जाए! इस फ़िल्म को कई सिनेमाघरों में चलाया ही नहीं गया! और जहाँ चलाया गया वहाँ कुछ बलात्कारों की पैदासियों के डर से बंद कर दिया गया! बिहार के पटना शहर में जब दलित समाज के लोगों ने इस फिल्म का समर्थन किया, तब प्रशासन ने इनपर ही लाठियाँ बरसा दी गयी! ये थी कानून भारत सरकार की और ये थी बिहार के पलटू चाचा की सरकार!

caste system in india today – देश में क्या चल रहा है

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आपने एक डायलॉग सुना होगा देश में क्या चल रहा है जवाब में अपने यहाँ तो फोग चल रहा है। लेकिन देश में जय श्री राम, जय भीम और अल्लाह ओ अकबर चल रहा है। एक तरफ जय श्री राम के नारे लगाकर “पहलू खान” जैसे बेकसूर को मौत के घाट उतार दिया जा रहा है। दूसरी तरफ लोग बालात्कारी बाबा या राजनेता को बचाने के लिए आंदोलन करते हैं। यूट्यूब, ट्वीटर और फेसाबुक जैसे सोशल साइट में हिन्दू, मुस्लिम, जय भीम, जय श्री राम के नारों के बीच गंदे-गंदे कमेंट कर आपस में एक दूसरे से लड़ रहे हैं। यूट्यूब और फेसबुक खोल लो सिर्फ ही सिर्फ अशांति के ही दृश्य नज़र आयेंगे। ट्विटर में तीसरे युद्ध के जंग की तैयारी के माहौल दिखेंगे।

caste system – जात पात का अंत

आओ मिलकर इस जाति -पात के भेदभाव के अंतर को मिटाएं! नफरत फैलाने वाले को तुरंत जवाब दे! भूल जाओ कि पहले उसने हमें सताया था क्यूंकि पहले भारत ही नहीं पूरी दुनिया इस भेद भाव के जाल में फसी थी! क्यूँकि अगर इतिहास में उसने तुम्हें सताया था तो उनको भी तो किसी और ने आकर सताया! पहले की संसार ही ऐसी थी! लेकिन आज तो सिर्फ अमीरी और गरीबी का फर्क है।

अगर आप एक दूसरे के धर्म को नहीं मानते तो उनका अपमान भी करना गलत है! अगर अब भी कोई जाति पात करे तो सब मिलकर इसका विरोध करो! आरक्षण के लिए झगड़ा ना करो क्यूंकि वास्तव में बहुत सारे गाँव में अब भी दलित समुदाय के लोगों की स्थिति दयनीय है! कुछ तुच्छ लोगों की सोच की वजह से अब भी दलितों को मंदिरों में प्रवेश करने नहीं दिया जाता! घोड़ी में चढ़ने से रोक दिया जाता है।

अंत में कहना चाहूँगा अगर अब भी लोग ज्यादा जात-पात करे या दलित समाज को नफरत भावना से देखे, तो दलित समाज के पढ़े लिखे लोग अपने बच्चों को सरकारी नौकरी के लिए ही तैयार मत करो, उसके अंदर कल्पना सरोज जैसी हिम्मत दो ताकि खुद का बिज़नेस कर खूब पैसे कमाए और गरीबों को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करे।

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