caste discrimination in India – जाति-पात

caste discrimination
caste discrimination

caste discrimination in India जात पात ऊंच नीच हमारे समाज के वे शब्द जिसका प्रचलन अब भी मेरे महान देश भारत की धरती पर है। जाति-पात का भेदभाव अब भी कई जगहों में देखने को मिलते हैं। खास कर के गांव समाज में ये इस कदर हावी है, कि दलित समाज के लोगों को नफरत की भावना से देखा जाता है। शहर में अच्छी शिक्षा और लोगों की अच्छी सोच की वजह से ऊंच नीच का भाव तो लगभग समाप्त है। किन्तु कुछ तुच्छ लोगो की सोच अब भी नीच सोच वाली ही है। बस में सफर के दौरान मेरी मुलाकात एक लड़की से हुई और उससे मिलने के दौरान उसके अंदर जात-पात के सामाजिक भेद भाव का असर देखा। मैं हैरान रह गया उसकी स्टुपिड बातें सुनकर।

caste discrimination in India – सफर के दौरान

तुम कौन जात हो? मुझे किस करने के बाद उसने कहा। क्या? क्यूं शादी करने का इरादा है क्या? मैंने कहा। अरे बताओ ना, दूसरी किस करते हुए उसने कहा। डोम हूं डार्लिंग मैं, उसे वापस किस करते हुए कहा। मजाक मत करो, बताओ ना, चिढ़ते हुए उसने कहा। चमार हूं मैं, मैंने फिर कहा। तुम झूठ बोल रहे हो, प्लीज बताओ ना, बड़ी मासूमियत से उसने कहा। सच में मैं चमार हूँ, तुम्हे यकीन क्यों नहीं आ रहा है।

तुम कौन जात हो? तुम बताओ, मैंने पूछा ! वो मुस्कुराई, उसने भी जवाब न दिया ! मैंने उसके कोमल से गाल दबाये ! तुम बताओ ना ? अरे सच्ची बता रहा हूं, मैं डोम हूं! मेरे नाना नाली साफ किया करते थे और मेरे दादा घर घर जाकर कचरा उठाया करते थे! लेकिन मेरे पापा ने थोड़ी पढ़ाई की और उनकी नौकरी लगी! मेरी मां भी एक पढ़ी लिखी महिला है! इसलिए मैं भी एक पढ़ा लिखा नौजवान हूं!

caste discrimination

caste discrimination

वो मेरी छाती में लेटी और मेरी आंखों में देखने लगी! रात का सफर था! वो और उसकी फ्रेंड एग्जाम के सिलसिले में धनबाद जा रही थी! उसके विपरीत स्लीपर बर्थ में मैं और मेरा दोस्त था! बात-चीत करने के दौरान वो मेरी तरफ आकर्षित हुई! और रात में उसकी फ्रेंड की उल्टी कर देने के दौरान वो मेरे बर्थ में आई और हमारे बीच का आकर्षण बढ़ता गया! अच्छा बोल लेते हो, प्लीज बताओ ना किस जाति के हो?? आमी बंगाली ब्राह्मण आछी, मैंने उसकी आंखों में गौर से देखते हुए कहा और कस के अपनी बाहों में जकड़ा। सुबह बस धनबाद पहुंची, और उसने मेरा फोन नंबर लिया और मेरा नाम पूछा। और मेरा पुरा नाम जानने के बाद उसे यकीन आया कि वाकई में मैं मजाक नहीं कर रहा था।

भाई आप कौन जात के हैं, बातचीत के दौरान पटना में एक लड़के ने मुझसे पूछा। बिहार यूपी में कुछ पूछे या ना पूछे जाति जरूर पूछेंगे। चमार जाति के हैं, मैंने जवाब दिया। उसका हैरान सा चेहरा मेरी तरफ था। क्यूं क्या हुआ? मैंने पूछा! नहीं भाई उस तरह लगते नहीं है, उसने कहा! क्या मतलब लगते नहीं हैं, क्या चमार लोग गंदे रहते हैं, स्मार्ट नहीं होते क्या? नहीं भाई ऐसी बात नहीं है, गांव समाज में कुछ विकसित नहीं है। अब सब पढ़ लिखकर अच्छे-अच्छे पद पर हैं। ये बाबा साहब के मेहनत और अच्छी शिक्षा की देन है। कहने को मुंह और छाती से कुछ जाती के लोग पैदा होते थे। लेकिन वास्तविकता में सब एक ही हिस्से पैदा होते हैं। तो काहे का ऊंचा जात और नीचा जात। बड़ा सिर्फ लोग पैसे, शोहरत और अच्छे कर्म से होते हैं।

जात पात का भेदभाव आखिर क्यों है ? READ CONTINUE CLICK!!!

Related Post

4 Replies to “caste discrimination in India – जाति-पात”

  1. After checking out a number of the articles on your
    website, I honestly like your way of blogging. I added it to my bookmark webpage list and will
    be checking back soon. Please check out my website too and let me know your
    opinion.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *